Friday, February 3, 2017

सफर

वो उस रात का सफर,

मिलकर बिछुड़ने का सफर,

दोनों खामोश थे मगर,

दोनों की ख़ामोशी का सफर,

आज भी है सांसो का सफर,

उस रात की यादों का सफर,

उसके चेहरे में थी एक मासूमियत,

याद है उसकी मासूमियत का सफर,

वो आज फिर मिली उसी सफर में,

उसी मासूमियत के साथ,

तब वो अकेली थी सफर में,

आज है किसी हमसफ़र के साथ।

Thursday, September 22, 2016

कहते है मौसम ईमानदार नहीं होता।

कहते है मौसम ईमानदार नहीं होता,
कुछ घावों पर नमक भी असरदार नहीं होता,
अक्सर देखा जाता है आज कल,
दुश्मन भी वफादार नहीं होता,
सफ़र में अकेले थे जानिबे मंज़िल,
ज़िन्दगी यूँ बार बार भी इंतज़ार नहीं होता,
यकीं किया होता गर दिमाग पर,
आज दिल ऐ बीमार नहीं होता,
मेरे जैसा है शायद तू भी,
दोस्त कोई इतना तलबगार नहीं होता।

विपिन जैन

Thursday, June 7, 2012

जब तक तू रही मेरे पास रही,
तेरा प्यार पाकर भी प्यास रही,
वो ख़त जो तुमने दिए थे मुझे,
जलकर भी उनमे साँस रही, 
न पहुंचे मंजिल पर हम तुम,
सफ़र में फिर भी आस रही,
रह रह कर उठता है दर्द,
दिल में बाकी जो एक फांस रही,
बड़ी मुश्किल है डगर जीवन की, 
साथ तन्हाई रही वाही खास रही. 

Tuesday, June 22, 2010

अब बिछुड़ने का मलाल था शायद
वो रिश्तो का दलाल था शायद
उसके हाथों में लगा था खून
हमने सोचा गुलाल था शायद
तेरी खुशबु थी महकी महकी
नींद में तेरा ख्याल था शायद
वो मुझे लगातार देखता ही रहा
आँखों में उसके कोई सवाल था शायद
उसे क्या हाले दिल सुनाऊ मैं
वो खुद ही बेहाल था शायद

Sunday, December 6, 2009

बहुत मशहूर हो गया है,
अपनों से दूर हो गया है,
परछाइयो के साथ अकेला रहकर,
तनहाइयो के नशे में चूर हो गया है,

Friday, December 4, 2009

एक अरसे बाद वो आना चाहता है,

गले मिलकर आंसू बहाना चाहता है,

बहुत है कहने सुनने को हमारे बीच,

मगर कुछ है जो वो मुझसे छुपाना चाहता है,

ज़िन्दगी कटी है फुटपाथ पे सदियों जैसी,

सर ढकने को अब एक ठिकाना चाहता है,

जिसे ठुकरा कर चला गया था एक दिन,

आज फिर वही मुझसे याराना चाहता है,

कुछ नगमे चुराकर मेरी ज़िन्दगी से,

ख़ुद को अब शायर दिखाना चाहता है.